विचार कभी सामान्य नहीं होते

विचार तो मन में आते हैं लेकिन हम उन्हें सही दिशा नहीं दे पाते। अपनी आंखों के सामने हर पल कुछ नया देखते हैं लेकिन उसके बारे में सोच नहीं पाते, अगर सोचते हैं तो शब्दों में ढ़ालना मुश्किल है। शब्दों में ढ़ाल भी दें तो उसे मंच देना और भी मुश्किल है। यहां कुछ ऐसे ही विचार जो जरा हटकर हैं, जो देखने में सामान्य हैं लेकिन उनमें एक गहराई छिपी होती है। ऐसे पल जिन पर कई बार हमारी नजर ही नहीं जाती। अपने दिमाग में हर पल आने वाले ऐसे भिन्न विचारों को लेकर पेश है मेरा और आपका यह ब्लॉग....

आपका आकांक्षी....
आफताब अजमत



Tuesday, November 2, 2010

पुरुष सिर्फ रसिक होता है !

पुरुष को हमेशा रसिक ही माना जाता रहा है। इसकी बानगी इन दिनों देखने को मिल रही है, आमिर खान के टाटा स्काई के एक विज्ञापन में। विज्ञापन में दिखाया गया है कि वह किस तरह एक पुरुष को जबर्दस्ती अपनी मर्जी के कपड़े पहना देते हैं और साथ में कहते हैं कि, 'न तो पान की पीक दिखाई देगी और न ही लिपिस्टिक दा दागÓ। अब इस दाग का अगर ऑपरेशन किया जाए तो कई बातें सामने आती हैं। सबसे पहली बात तो यह है कि पुरुष सिर्फ दूसरी महिलाओं के प्रति आकर्षित होने और उनके साथ रंगरेलियां मनाने के लिए ही पैदा हुआ है। पुरुष को ऐसे कपड़े पहनने चाहिएं ताकि घर जाने पर उसका रसिकपन बीवी की नजर में न आए। अब यह उन पत्नी प्रेमी पुरुषों के लिए बहुत हर्ट करने वाली बात भी होगी जिनके लिए दफ्तर और घर की दौड़ मुल्ला की दौड़ की माफिक होती है। यह विज्ञापन और भी कई कहानियां अपने साथ लिए चलता है। विज्ञापन का सार है कि आप किसी की जबर्दस्ती अपने ऊपर क्यों ढ़ोंएं लेकिन इसकी सच्चाई तो यही है कि पुरुष ही महिलाओं के प्रति आकर्षण का गुण रखता है। अब यह बात अलग है कि कई घर सिर्फ इसलिए टूट जाते हैं, क्योंकि वहां किसी बाहरी महिला का हस्तक्षेप ज्यादा बढ़ जाता है। महिला अगर अपनी मर्जी से किसी पुरुष को बर्बाद कर दे तो कोई कुछ नहीं कहता लेकिन पुरुष अगर महिला का प्रेमी बन जाए तो आफत। महिलाएं अगर कई पुरुषों के संपर्क में रहें तो कोई बात नहीं लेकिन पुरुष को 'दिल मांगे मोरÓ फिल्म में कई महिलाओं के साथ ही दिखाया जाता है। मैं हालांकि महिलाओं की आलोचना नहीं कर रहा हंू, लेकिन यह बात कहना चाहता हंू कि हमेशा पुरुष ही रसिक नहीं होता है। महिलाएं भी अब किसी से कम नहीं हैं।

1 comment:

Unknown said...

ha aap sahi kah rahe hai purush thode rasik to hote hai par aaj ki nari bhi kam rasik nahi hai aaj ek ladki ke kai kai bf hote hai aaj puruso ko hi rasik kahna theek nahi hai